चाह's image
Share0 Bookmarks 128 Reads0 Likes

कामनाएं जागती हैं अथाह

भावनाएं जागती हैं अथाह

जागती है कितनी गहन चाह

शब्दों से भला कहां मिटती है

जब स्पर्श की है जाग उठती है चाह।


2.किसे पता किस मुस्कान के पीछे

छुपी हुई है किसकी कौन सी आह।

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts