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आभासी संसार

aktanu899aktanu899 July 16, 2022
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आभासी पथों पर

डोलती हैं कितनी ही छायाएं।

कितने स्वर हैं यहां गूंजतें

कितने युद्ध अब लड़े जाते यहां

यहां हैं अब सैनिक और सेनाएं।

कितने सत्य अब गढ़े जाते यहां

कितने झूठों को दी जाती यहां हवाएं।

यहां पलती हैं कितनी ही संभावनाएं

यहीं से जन्म लेती हैं कितनी ही घटनाएं ।

कितनी ही बार छुपे सत्य

होते हैं उजागर यहीं से

छद्म आवरणों में लोग यहां रहते

अपना असली रुप छिपाए।

यहां से कितनी ही बार मिलती है

जिनको आवश्यकता है उनको सहायताएं ।

यहां से जग जान पाता है

कितनी ही छुपी हुई कथाएं।

यहां से लोग सुना पाते हैं

अपनी वेदना और औरों की कथाएं।

जिनके स्वर नहीं है या हैं क्षीण

उनके स्वर को भी मिलता स्वर यहां

कितने कल्पित संबंधों की निर्मिति होती यहां

यहीं पलने लगती हैं कितनी भावनाएं।

यहां से फैलते हैं प्यार के संदेश

यहां से फैलती हैं घृणाएं।

कितने मिथक ध्वस्त हो जाते यहां

टूट जाती हैं यहां कितनी ही मान्यताएं।

यहां कितने ही लोग देते हैं

और कितने ही लोग पाते हैं प्रेरणाएं ।

जिनके हाथों में मोबाइल हवो भला इसके आकर्षण से कहां बच पाए।


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