तेरी कलाई का टैटू's image
Love PoetryPoetry1 min read

तेरी कलाई का टैटू

AkshitMudgalAkshitMudgal January 9, 2022
Share0 Bookmarks 31 Reads0 Likes
ये क्या हक़ है जो अदा नहीं हो रहा
तू मेरा है। पर मेरा नहीं हो रहा।
एक तू है जिसने मुझे खुद से जुदा कर दिया
एक मैं हूँ जो तुझसे जुदा नहीं हो रहा
यूँ तेरी कलाई पर "आजाद परिंदों" का 'टैटू'
यूँ तुझसे एक शख्स रिहा नहीं हो रहा
आज मेरी अटैची से तेरा "हेयर बैंड" निकला
ऐ जाना तू ही बता क्या ये बुरा नहीं हो रहा!?
तेरे ये दोस्त, तेरे नजूमी, ये तुझे इश्क़ सिखलाते है...
जिन नौसिखियों से खुद का भी भला नहीं हो रहा
और दुनिया बाँध कर खुश भंवर मेरी राहों में
ताज्जुब है!! मैं फिर भी किनारा नहीं हो रहा
होने को तो बहुत कुछ होता है दुनिया में..

बस एक जो होना लिखा है वही नहीं हो रहा।


No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts