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मैं मुहब्ब्त यहाँ बाँटता रह गया

आकिब जावेदआकिब जावेद January 29, 2022
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आँधिया नफ़रतों की यहाँ चल रही,
मैं  मुहब्ब्त  यहाँ  बांटता  रह  गया।

-आकिब जावेद

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