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इंकलाब जिंदाबाद है

आकिब जावेदआकिब जावेद August 27, 2021
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एजेंडे सेट हो गए

दुकान तैयार हो गयी

सब बेचेंगे अपना माल

सवाल लेकिन यही है

सबको अपना माल लगता प्यारा

दूसरे में खोट नज़र है आता

अच्छा-बुरा हमको देखना नही

हमकों कुछ भी पढ़ना नही

क्यो की दूसरे का माल ख़राब है,

इंकलाब जिंदाबाद है!

इंकलाब जिंदाबाद है!

-आकिब जावेद


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