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Romantic PoetryPoetry1 min read

ग़ज़ब का ही सुकूँ है आशिक़ी में

आकिब जावेदआकिब जावेद December 22, 2021
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गिरेंगे    चाहने    वाले   भी   तेरे।
कभी  ज़ुल्फें  हटाकर  देख लेना।।

گرین کے چاہنے والی بھی تیری ,
کبھی زلفی ہٹا کر دیکھ لینا!

गज़ब  का ही सुकूँ हैं आशिक़ी में।
कभी तुम दिल लगाकर देख लेना।।
گجب کا ہی سکون ہے عاشقی میں,
کبھی تم دل لگا کر دیکھ لینا!

-आकिब जावेद© عاقب جاوید

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