बालक's image
Share0 Bookmarks 0 Reads1 Likes
अपनी धुन में मस्त
कल्पनाओं से भरा
किताबो से 
कुट्टी किए
अक्षर नही 
समझता
चीज़ों की 
समझ लिए
आँखों में 
चमक  भरे 
नितदिन विद्यालय आना
फिर शिक्षक से यूं
आकर हाथ मिलाना
अनगिनत प्रकार से
कितने प्रश्न दे जाता है?
काँटो में 
गुलाब खिलेगा
क्या वो अपने 
रंग भरेगा?
मासूम मुस्कान की कीमत
शायद इस लोक में तो नही
शायद किसी भी 
लोक में नही।।

-आकिब जावेद

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts