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मुझे तुम्हारी दोस्ती से मोहब्बत है

akhilendra singhakhilendra singh September 11, 2022
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मुझे तुम्हारी दोस्ती से मोहब्बत है।
मैंने जितना जिंदगी को तराशा है।
जितना मैने ख्वाइशों को जिया है।
उतना मुझे तुम्हारी दोस्ती से मोहब्बत है।
जिन गालियों से बचपन से साथ रहा मैं
मुझे उन गालियों में तुम्हारी दोस्ती से मोहब्बत है।
बरसो से हम न मिले फिर भी कोई बोझ नहीं
मैं जब भी अकेले बैठू मुझे तुम्हारी दोस्ती से मोहब्बत है।
हर शाम तेरे साथ गुजारु एक ख्वाब जीता हु मै ख्वाब को ख्वाब में मुस्कुराऊ
मुझे तुम्हारी दोस्ती से मोहब्बत है।
तेरी यादों को इक सफर की तरह जी रहा चलते-चलते सफर कट जाये
मुझे तुम्हारी दोस्ती से मोहब्बत है।
सफर तन्हा कटे या तेरे साथ मुझे तुम्हारी दोस्ती से मोहब्बत है।

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