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तुझ से सुंदर नहीं है कोई

mitra ajay gautammitra ajay gautam October 26, 2021
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तुझ से सुंदर नहीं है कोई
दर्पण आज यह बोला है|

मैंने छलनी लेकर साजन 
चंदा से तुझको तोला है|

चंदा देखे दीप जलाकर
यार तू तो बड़ा भोला है|

चांद भरोसे के न काबिल
वह रोज बदलता चोला है|

आज चांद से कैसी उम्मीदें
जो खुद पूरा ना गोला है|

तेरे भीतर तुझको न पाया
मैंने अच्छे से खूब टटोला है|

उसे न तेरी न मेरी परवाह
मेरा माहताब मस्तमौला है|

शीत ऋतु और चंदा शीतल
पर लगे आज तू शोला है|
-अजयसिंह गौतम 9300280390 24/10/2021

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