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पर्दे के पीछे का प्यार

Ajay Singh YadavAjay Singh Yadav February 12, 2023
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देख के मुझको अपने सामने शरमा जाती थी वो 
घूंघट में अपने मुखड़े को छुपा लेती थी वो ।
प्यार बहुत करती थी मुझसे 
लेकिन अपनी दिल की धड़कन मुझसे बयां न कर पाती थी वो 
पर्दे के पीछे छुपकर मुझको देखा करती थी वो ।
जब मेरी नजरें उसकी नजरों से मिल जाती 
तब शरमा के पर्दे के पीछे छुप जाती थी वो ।
एक बार भी उससे मेरा मिलन न हो पाया 
उसने मुझसे अपने प्यार का इजहार भी न कर पाया।
कि उसको इस दुनिया को छोड़ना पड़ा 
मुझसे उसको इस दुनिया से जुदा होना पड़ा ।
                          - अजय सिंह यादव


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