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मेरे चांद की चांदनी

Ajay Singh YadavAjay Singh Yadav April 7, 2022
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अंधेरी रात को एक टिमटिमाती चमक आई 
ऐसा लगा जैसे चांद की चांदनी टिमटिमाई ।
ये चांदनी आकाश के चांद की नहीं ,मेरे चांद की टिमटिमाई 
मेरे चांद के सामने आकाश के चांद की चांदनी भी शरमाई ।
मैंने अपने चांद को देखने के लिए नज़रें उठाई 
लेकिन मेरे चांद की चांदनी को देख मेरी आंखें चकराई ।
मैंने मेरे चांद की चांदनी को देख थोड़ी सी अपनी नज़रें घुमाई 
तब भी मेरे चांद की चांदनी फीकी न नजर आई ।
अंधेरी रात को एक टिमटिमाती चमक आई 
ऐसा लगा जैसे चांद की चांदनी टिमटिमाई ।
    - अजय सिंह यादव

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