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इश्क़ दगेबाज

Ajay Singh YadavAjay Singh Yadav April 6, 2022
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"हे इश्क़ ,
तूने मुझे ठुकरा के फ़र्क बस इतना किया है।
मेरे अश्रु दरियां डुबो देगें।।
तुम्हारे केवल आंखों से निकल कर ओंठों तक समाप्त हो जायेगें ।।।
                        - अजय सिंह यादव

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