इस दिल को तुम्हे अलविदा कहने का मन नहीं होता's image
Poetry1 min read

इस दिल को तुम्हे अलविदा कहने का मन नहीं होता

Ajay Singh YadavAjay Singh Yadav May 9, 2022
Share0 Bookmarks 0 Reads1 Likes
ऐसी क्या बात हुई ?
जो तुम मुझसे रूठ गई
तुम्हारा इस कदर रूठना 
मेरी रातों की नींद चुरा ले गई 
तुम्हारा चुप रहना 
मुझसे गवारा नहीं होता 
क्योंकि प्यार एक बार होता
ये कभी दुबारा नहीं होता 
कैसे समझाऊं मैं स्वयं को ?
क्योंकि ये दिल मानने को तैयार नहीं होता 
बहुत बार समझाया है , इस दिल को
लेकिन ये दिल तुम्हे भुलाने को तैयार नहीं होता ।
 - अजय सिंह यादव

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts