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भ्रम हर जगह है ।

Ajay Singh YadavAjay Singh Yadav May 4, 2022
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एक दिन मैं सुबह जल्दी उठा और मैंने पाया 
आगे वाली दिशा में कोई चक्कर लगा रहा था ।
जब मैंने अपनी टॉर्च जलाकर देखा तब मुझे सिर्फ एक तालाब दिखाई दिया 
वहां कोई नहीं था , तालाब किसी बंधन से बंधा हुआ था ।
मैंने वहां जाके देखा क्या गलत था 
वास्तव में वहां सिर्फ एक चमड़े का पट्टा था ।
यह कुछ नहीं था , यह एक भ्रम था 
क्योंकि उस समय मैं पूर्व धारणा में था ।
         - अजय सिंह यादव

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