पूरी औरत's image
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उडेल दिया हुस्न सारा मीठी कविताओं में
कभी नयन लिखे
कभी लब लिखे
कभी जुल्फ लिखी
तो कभी सुराही दार गर्दन लिखी
माथे की बिंदिया हो
या पैरों की पायल हो
कमर बंध हो या
हाथों का कंगना हो
हर एक लिखी हर बात लिखी
मीठी कविता लिखने के लिए औरत जात लिखी
छोड़ दिये दुःख सारे
भूल गये यातनाएं
जो सही थी उसने दिन और रात
वो किसे जाकर कौन सुनाए

लिखने वालों सुनो लिखना हो 
कुछ तो सब लिखना होगा

ज़हर के साथ शकर लिखना होगा
जखम के साथ मरहम लिखना होगा

भूलना मत बुरी बातें भी
लिखते वक़्त पूरी औरत लिखना होगा


लेखक:- अजय किशोर
मोबाइल ना. :- 9999191546
इंस्टाग्राम ID:- ajaykishor88

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