धुआं's image
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ये सांसें छूट भी जाए 
या तन मिटटी मे मील जाए
पर आवारगी लिए तेरी
मैं धूंआ बन के जिंदा हूं

मुझ धूंऐ से कोई पुछे
तो इक आवाज आती है
हवा के हर थपेड़े पे
तेरा ही गीत  गाती है


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