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दिवाली के दीप जले हैं .

Atul FarrukhabadiAtul Farrukhabadi October 22, 2022
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फिर से अपने-अपने राम मिले हैं

दिवाली के दीप जले हैं .।।

बच्चों में एक आंनद हुआ है,

दुःख का अंधेरा दूर हुआ है।।


मिठाइयां घर में मम्मी ने बनाईं हैं

बहनों ने दीवारें रंगोली से सजाई हैं,


सब परदेशी आ वापस अपने गांव मिले हैं।

फिर से अपने-अपने राम मिले हैं

दिवाली के दीप जले हैं ।।


बाजार से पापा खील बतासे लाए हैं,

भईया ने फुलझड़ी राकेट मंगाए है,


सबके खुशियां घर के आंगन बीच तले है


दिवाली के दीप जले हैं ....


•••

अतुल फर्रुखाबादी






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