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मोहब्बत ले कर आना

Abhinav SinghAbhinav Singh May 28, 2022
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मेरे चौखट आना तो
मोहब्बत ले कर आना
नफरत का कारोबार
हम नहीं जानते

कितना लड़ाओगे
कब तक लड़ाओगे
राम और रहीम को
कितना दूर कराओगे
इतनी नफरत देख कर
ऊपरवाला भी कह उठेगा
तेरी झूठी आस्था का दरबार
हम नहीं चाहते

मेरे चौखट आना तो
मोहब्बत ले कर आना
नफरत का कारोबार
हम नहीं जानते

दरारें कुछ यूं डाली
कि रंग को भी बांट डाला
बांटा कुछ इस कदर
कि संग को भी बांट डाला
इस अति को देखकर
ऊपर वाला भी कह उठेगा
यूँ मानवता की हार
हम नहीं चाहते

मेरे चौखट आना तो
मोहब्बत ले कर आना
नफरत का कारोबार
हम नहीं जानते


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