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मोहब्बत में इतने दर्द सहकर!

Abhay DixitAbhay Dixit April 5, 2022
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मोहब्बत में इतने दर्द सहकर
कैसे जीते हैं लोग इतने ग़मों को पीकर
क्यों इतनी कठिन राह है मोहब्बत की
क्या दिल नहीं होता है सबके भीतर
मोहब्बत तो ऐसा घर है
जो टूट जाये तो बनता नहीं है उम्र भर
न जाने क्यों तोड़ देते  है लोग
छोटी-छोटी सी बात पर
मोहब्बत तो बो राह है जीवन की
जिसमे दर्द मिलते है दोनों किनारों पर
पाने पर खोने पर
जब इतना दर्द होता है इसमें
तो क्यों करते हैं लोग जान बूझकर
मोहब्बत को देखो तुम हर तरफ से
बहुत कुछ सीख जाते हैं इसे जीकर
~अभय दीक्षित

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