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बड़ा ही विचित्र है ये राज

Abhay DixitAbhay Dixit December 3, 2021
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बड़ा ही विचित्र है ये राज
सबका अपना अलग है अंदाज

कहने को बात बड़ी ही है असहज
लेकिन वास्तविकता में यही है सहज

कहने को तो सब हैं अब्बल
और सबका अपना अपना अलग है बल

कोई भाषाई  क्षेत्र का है ज्ञानी
कोई विज्ञान क्षेत्र का है महाज्ञानी

न जाने फिर भी इनको किस बात है अभिमान
जो करते नहीं हैं एक दूजे का सम्मान

न जाने फिर क्यों इन ज्ञानियों ने
एक दूसरे को नीचा दिखाने की है ठानी
अज्ञानता वशीभूत होकर ये तो  है बस उनकी मनमानी 

जब होता है सबका एक दूजे से अपना अपना काम
फिर क्यों नहीं करते एक दूसरे के ज्ञान का अभीराम

फिर भी क्यों अज्ञान के अन्धकार में उलझते हैं
एक ही क्षेत्र के माटी के कुछ टुकडे खुद को श्रेष्ठ बताने के लिए आपस में झगडते हैं।।
~अभय दीक्षित

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