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बहुत दिनों के बाद!

Abhay DixitAbhay Dixit April 2, 2022
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बहुत दिनों के बाद!
फिर आई हैं खुशियाँ नए वर्ष के साथ,
शोर है ख़ुशी है चारों तरफ हँसी है
एक नए मिलन के साथ
ऐसा लग रहा है मानो 
कोई अपना लौट आया है
बहुत दिनों के बाद
कालगति का न्यासंकल्प है 
नई सूरज किरण के साथ
आज नया संकल्प लेंगे
खुद से वादे के साथ
देखा है हमने वक्त का क्रूर प्रहार
मानो जैसे सूरज पर भी था अंधकार
चारों और त्रासदी मानवता तार-तार
पर अब फिर हार गया तम सूरज से
जीत जाती है अच्छाई बुराई से हर बार
उबरना मुश्किल था उन मुश्किलों से
पर उबरें हैं नई उम्मीद के साथ
बहुत दिनों के बाद
नया संकल्प है नया सबेरा है
मानो नये विचारों का आगाज
पुरानी यादों नई उम्मीद के साथ
बहुत दिनों के बाद।।
~अभय दीक्षित



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