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ऐसे ही नहीं कोई पत्थर देवता बन जाता है

Abhay DixitAbhay Dixit January 7, 2022
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ऐसे ही नहीं कोई पत्थर देवता बन जाता है,
यूँ ही नहीं बो पूजा जाता है,
लोग उसकी पूजा-अर्चना देखते हैं
पर उसका संघर्ष कोई देखने नहीं जाता हैं।।
ऐसे ही नहीं कोई पत्थर देवता बन जाता है,
यूँ ही नहीं बो पूजा जाता है।।
जब सैंकड़ो पत्थर साथ रहते हैं,
बो एक ही क्यों देवता बन जाता है,
जो संघर्ष सहता है वो ही पाता है
भागता है जो पत्थर ही रह जाता हैं,
ऐसे ही नहीं कोई पत्थर देवता बन जाता है,
यूँ ही नहीं बो पूजा जाता है।।
जो तकलीफें में भी खुश रहना जनता है,
उसे शिल्पकार ले जाता है,
बड़े ही कष्ट देकर बो उसे आकार  दे पाता है,
हर छेनी हतोड़े की मार को मुस्कुरा कर सहता है, 
ऐसे ही नहीं कोई पत्थर देवता बन जाता है,
यूँ ही नहीं बो पूजा जाता है।।
जो जितना सहता है उतना ही पाता है,
एक मंदिर के बाहर लग जाता,
 एक अंदर पूजा जाता है,
ऐसे ही नहीं कोई पत्थर देवता बन जाता है,
यूँ ही नहीं बो पूजा जाता है।।
हम सीखे अगर पत्थर से,
तो उपकार खुद पर होगा,
जो संघर्ष कर लेता है,
 वही पूजा जाता है,
ऐसे ही नहीं कोई पत्थर देवता बन जाता है,
यूँ ही नहीं बो पूजा जाता है।।
~अभय दीक्षित
#संघर्ष

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