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तुम तब आ जाना

Abasaheb MhaskeAbasaheb Mhaske March 18, 2022
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क्या जरुरत तुझे हात हिलाने की

वर्तमान ,भविष्य की चिंता करने की

बस पड़े रहो यूँही किसी कोने में

जब तक बुलावा नहीं आता


खाना मिलेगा पीना मिलेगा

साहब हैं महेरबान सबकुछ चलेगा

भोंको कहे तो भोंकना काँटों कहे तो

कांटना कभी सोचना क्या होगा अंजाम


किसीका भी पट्टा पहन लेना  

उनके फेंके टुकड़ो पर बस टकना

मालिक के इशारो पर नाचते रहना

जो भी कहे वो करने मत चूकना


खुद के दिमाग का इस्तेमाल मत करना

बस कमांड लेते रहना कम्प्यूटर जैसे

क्या फर्क पड़ता हैं फालतू के बकबक से 

जब आएगा बुलावा तुम तब आज जाना

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