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हम उम्र भर ज़िन्दगी कमाते रहे।

A Poet From HillsA Poet From Hills November 9, 2021
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प्यास कुछ इस तरह बुझाते रहे,
हमने दर्द पिया और मुस्कुराते रहे।

लोग दौलत- शौहरत के तलबगार थे,
हम उम्र भर ज़िन्दगी कमाते रहे।

✍️ए पोएट फ्रॉम हिल्स

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