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शिव, गौरी, गणेश गाथा: भाग 2 - शिव गणेश संघर्ष

A MehtaA Mehta August 31, 2022
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शिव-गणेश संघर्ष


माँ पार्वती के द्वार की रक्षा करता उनका पुत्र, शिव जी का मार्ग रोक बैठा 

 

रक्षक बन कर माता का

रोक रहा शिव जी का पथ

अनहोनी घटना यह कैसी

आने को है भारी संकट

 

शिव:

कौन हो तुम बालक नादान

न जाने मेरी पहचान

हट जाओ मेरे पथ से

वरना खो बैठोगे प्राण

 

गणेश:

माँ पार्वती का सेवक मैं

यह ही है मेरी पहचान

माता का वचन निभाना है

चाहे जाये किसी के प्राण

 

शिव:

सावधान…

बालक अज्ञानी, तू है उदंड

तुझे मिलेगा इसका दंड

जब होगा मेरा रूप प्रचंड

तब टूटेगा तेरा घमंड

 

गणेश:

देवी शक्ति का पुत्र मैं

मुझे नहीं किसी का भय

हो सामने फिर काल भी

होगी केवल मेरी विजय

 

फिर धरती अम्बर डग मग डोले

रूद्र देव क्रोधित होकर बोले

 

क्रोधित हो कर शिव जी, पार्वती पुत्र का शीश धड़ से अलग कर देते हैं 


शिव:

अब तांडव देख ऐसा होगा

भयंकर प्रलय के जैसा होगा

बरसेगी अग्नि तीनो लोक

ऐसा होगा मेरा प्रकोप



थर-थर कांपता सब होगा

विध्वंस में यह जग होगा

अब उठेगा यह त्रिशूल

तेरा सर धड से अलग होगा



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