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शिव, गौरी, गणेश गाथा: भाग 5 - गणेश की उत्पत्ति

A MehtaA Mehta August 31, 2022
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गणेश की उत्पत्ति

 

जल में थल में और हवाओं में

ढूँढ रहे सब दसों दिशाओं में

जा मिला एक गज, उत्तर की दिशा में

ले आये जिसका शीश , शिव जी की सभा में

 

गज का शीश गौरी पुत्र के धड़ से जोड़ कर शिव जी उसे पुनः जीवित कर देते हैं  इस प्रकार श्री गणेश प्रकट होते हैं जिनका शरीर मनुष्य का और शीश गज का है , इसीलिए उन्हें गजानन भी कहा जाता है 


जोड़ कर निर्जीव तन से शीश

फूक करके उसमे प्राण

ऐसे किया शिव-शंकर ने

गजानन गणपति का निर्माण



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