क्या तुम स्वतंत्र हो's image
Republic DayPoetry1 min read

क्या तुम स्वतंत्र हो

A MehtaA Mehta January 14, 2023
Share0 Bookmarks 73 Reads0 Likes


जब हो प्रबल तुम्हारे ज्ञान का वेग 

और उड़ा ले जाए, जात-पात की रेत

तब कहना तुम स्वतंत्र हो 


जब कोई गाये भजन,अज़ान, गुरबाणी

और लगे एक सी सभी की वाणी 

तब कहना तुम स्वतंत्र हो 


जब भय-भूख न सताए घर-घर 

और नींद आये अपनी छत पर 

तब कहना तुम स्वतंत्र हो


जब कोई निर्भया निकले पथ पर 

और हंसती खेलती पहुंचे अपने घर 

तब कहना तुम स्वतंत्र हो 


जब नेत्र देखे कोई अन्याय

ह्रदय हो कर निडर, आवाज़ उठाये

तब कहना तुम स्वतंत्र हो 


जब आईना तुमको छवि दिखलाये 

और नैन तुम्हारे न लजाये 

तब कहना तुम स्वतंत्र हो 


 




No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts