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हम भारत के लोग

Aakash GuptaAakash Gupta January 31, 2022
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भारतवर्ष की गौरवशाली परंपराओं का रखते हुए पूरा ध्यान,

समान भाव से प्रारूप समिति ने रचा था सन 49 में संविधान


लोमहर्षक, लोकलुभावन जनभावना से अभिभूत हुआ था ये मंत्र,

सामान्य गण की असामान्य, दूरदर्शी सोच से बना ये महान गणतंत्र


व्यक्ति और नागरिकों को केंद्र में रख कर बना था ये विधान

अपनी अनूठी शैली से आज भी समूचे विश्व मे है गुंजायमान


भारत संघ है आधार में और स्वायत्तता झलकाते सभी राज्य

प्रभुता, समाजवाद, धर्मनिरपेक्षता, लोकतंत्र से सराबोर गणराज्य


जहाँ मूलाधिकारों की श्रृंखला में आत्मा संविधान की बसती है,

वहीं मूल कर्तव्यों की कर्तव्यपरायणता स्मरण सदैव रहती है


सजग प्रहरी बना उच्चतम न्यायालय करता अधिकारों को प्रतिभूत,

नीति निदेशक तत्व करते हैं प्रत्येक राज्य की आधारशिला मजबूत


हतप्रभ हैं सभी राष्ट्र देखकर भारत देश का अविस्मरणीय गौरव,

संप्रभुता का एक अनूठा उदाहरण पेश कर दिखाया सबको सौष्ठव


न राजा हैं न सम्राट हैं अब संविधान के अनुसार सब ही समान हैं,

जनता के हाथों में त्याग और बलिदान से सींचे देश की कमान है


मिली जगह पंचायतों के गठन की राष्ट्र के निरंतर लोक कल्याण हेतु,

संसद और राज्यविधान मंडल हैं जनता और चुनी सरकार के मध्य सेतु


पूर्ण स्वराज्य की मुखर आवाज़ उठी थी 1930 के अधिवेशन से,

26 जनवरी को मनाएंगे प्रतिवर्ष गणतंत्र दिवस प्रतिबद्ध हैं पूरे मन से


कई राष्ट्राध्यक्ष मौजूद रहते हर वर्ष देखने गणतंत्र का सामर्थ्य,

तीनों सेनाओं के विराट शक्ति प्रदर्शन का गवाह बनता राजपथ


धर्म मूलवंश जाति लिंग जन्मस्थान के आधार पर न करेंगे विभेद,

हरेक व्यक्ति की राष्ट्रभक्ति का दुश्मन कभी न जान पायेगा भेद


"हम भारत के लोग" प्रस्तावना का उद्देश्य वाक्य सदैव करें अभिनंदन,

लोकतांत्रिक राष्ट्र के सर्वमान्य पवित्र दस्तावेज को कोटि कोटि नमन


- आकाश गुप्ता ✍️


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