Tagged: Mohammad

दूर रहते हो याद तो आती होगी ना… 0

दूर रहते हो याद तो आती होगी ना…

हमारी खुशियों का खज़ाना माँ से है, ऐ लोगों जन्नत में ठिकाना माँ से है !! जहाँ में मतलबी मोहब्बत का शोर है, मोहब्बत का असली पैमाना माँ से है !! आदर, सम्मान, इज़्ज़त...

ख़्वाहिश बेहिसाब लिखती है… 0

ख़्वाहिश बेहिसाब लिखती है…

  ख़्वाहिश बे-हिसाब लिखती है, मेरे ख़तों के जवाब लिखती है !! वो नहीं लिखते तो क्या हुआ, ख़्वाहिश लाजवाब लिखती है !! गुल-फ़िशाँ से महकता चमन, क़बा-ए-गुल शबाब लिखती है !!  

कभी मिला करते थे… 2

कभी मिला करते थे…

कभी मिला करते थे, अब जुदा, बैठे हैं, नहीं मालूम, किस बात पर, ख़फ़ा, बैठे हैं ! हमने दिल में, अब भी संभाल रक्खा है, मग़र वो न जाने क्या, दिल में बसा बैठें...

मुझको मधुशाला नहीं पीना है 0

मुझको मधुशाला नहीं पीना है

तेरी आँखों के समन्दर में उतरना है, मुझको मधुशाला नहीं पीना है !! एक ज़ख़्म तेरा मुझको गवारा नहीं, हर ज़ख़्म तेरा मुझको सीना है !! मुझको मधुशाला नहीं पीना है……!! हो जाये ग़र...

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