Tagged: Kavishala

वो थी 0

वो थी

उसके आते ही जिंदगी के मायने बदल गयें थे, मैं वो सोचने लगा , जो मैंने कभी कल्पना भी नहीं की थी। छोटी छोटी बात पर भी खुशी ढूंढ लेता था मैं , उसकी...

ये जान भी तुम्हारी है 0

ये जान भी तुम्हारी है

ये जान भी तुम्हारी है,  और जान भी तुम्हारी है । तुम आशिक को बेवफा कह दो, ये जुबान भी तुम्हारी है । मुल्क में आशिकी का तूफान मचा डाली को । हर एक...

हरियाली 0

हरियाली

देखो हरियाली का दिन आया है , खुशहाली कैसी लायी है । नई कलियों का जन्म हुआ , फूलों में नया उमंग खिला । सूर्य की लालिमा को पाकर , वृक्षों ने घटा लहराई...

खुदा की शान से बढ़ते हौसला देखा 0

खुदा की शान से बढ़ते हौसला देखा

हालात को मुश्किलों में फसा देखा कस्ती को भँवरों से निकलता देखा साने इलाही का करिश्मा रहा हमपर खुदा की रहमत से यूँ अब नफ़ा देखा ज़िन्दगी में उथलपुथल रही यूँ ऐसे खुदा के...

हर पल 0

हर पल

हर पल हर पल, पल पल पैरों तले चुभते काँटों से विष समान , जीभी डंको से  दांतो तले दबे शब्दों से है कसक है कसक , ये कैसी घनघोर अँधेरा मन मस्तिष्क में...

जूतें 0

जूतें

सोचता हूँ कितने ख़ुशनसीब होते है ये जूतें, जो हमेशा जोड़े में रहते है। एक साथ चलते एक साथ उतारे जाते एक बार जिसके साथ जोड़ा बना, तो बस पूरी ज़िंदगी उसका साथ देते।...

हादसा और सिक्के 0

हादसा और सिक्के

कुछ हादसे ऐसे भी हो जाते है दिल के बाज़ार में कुछ बेवफा मिल जाते है वादा करते है जिंदगी भर साथ निभाने का कुछ सिक्कों कि खातिर खुद बिक जाते है

कोशिश 0

कोशिश

वो एक पेड़ सीधा लम्बा सा क़ई चींटो पक्षियों का घर था वो पर मेरे मन कि लालसा, उसी पेड़ पर जलेबीनूमा एक फल, हम उसे जंगलजलेबि कहते थे, जब वो पकजाती तो स्वाद...

Please wait...

Never Miss Any Poetry, Join Our Family

Want to be notified when any New Poetry Published? Enter your email address and name below to be the first to know.