Tagged: Kavishala

अभी कहाँ मरा हूँ मैं 0

अभी कहाँ मरा हूँ मैं

बच्चा : माँ मुझे तू देख तो, अभी कहाँ मरा हूँ मैं, लड़ना अभी तो बाकी हैं, अभी कहाँ डरा हूँ मैं। ऐ माँ मुझको हिम्मत देना, मुझे तुझसे दूर जो रहना हैं, अभी...

वजह-बेवजह 0

वजह-बेवजह

आज बेवजह ही नम हैं ये आंखें शायद दिल ने चुपके से तुम्हे याद किया है! इक दफ़ा ज़ोर से धड़का तो बहुत था, बाहर के शोर ने इसे बेआवाज़ किया है! वजह हो...

किसी रोज़ मुझे तुम याद करो 0

किसी रोज़ मुझे तुम याद करो

किसी रोज़ मुझे तुम याद करो….! तो चुपके से तुम कहे देना……!! हो जाए जो गलती मुझसे…….!!! तो चुपके से तुम कहे देना…….!!! बस याद तुम्हारी आती है……! येह कैसे तुमको बतलायू……!! एक रोज...

मुलाकात 0

मुलाकात

“मैं जिंदगी की बात लिखता हूँ, अपने ख़यालात लिखता हूँ। यादों के घने बादल से आंसुओं की बरसात लिखता हूँ।   मैं लिखता हूँ, मसलकर हाथों में ठंड की गरमाहट, मेरे लबों पे तेरी...

अधूरी कहानी 1

अधूरी कहानी

kuch lafz, adhuri nazm or beeti kahani milegi use jab kuchh yadein aur meri nishani milegi   raah e zindagi me na hogi wo kabhi tanha mujhe bhi to mazi ki pagal deewani milegi...

नया आगाज 0

नया आगाज

कल देखा अचानक उसे बाजार में मिली नजरों से नजरें हजार सपने , अनगिनत यादें अनेक कही -अनकही बातें दस्तक दे गई दिल में। नजरों से नजरों में ही बात हुई कहाँ तुम ?...

दगाबाज़ है कोई! 0

दगाबाज़ है कोई!

ना शोक ना रंज ना राज़ है कोई… ना सजता है संगीत ना साज़ है कोई। कहता नहीं दुनिया से ये और बात है… वफादारों में शायद दगाबाज़ है कोई!  – हिमांशु कैन

सानेहा में है,जीस्त आहों में है। 0

सानेहा में है,जीस्त आहों में है।

सानेहा में है,जीस्त आहों में है दर्द जो है निहाँ वो चाहों में है है परेशां सभी ये सोच कर, कि कौनसे मोड़ उनकी राहों में हैं? लूँ मैं किस ओर ये मेरी कश्ती?...

तवायफ – खुद के लिए नहीं  अपनी मौत के लिए जीती है 0

तवायफ – खुद के लिए नहीं अपनी मौत के लिए जीती है

रोड पे कहीं तो कभी चौराहे पर दाम उनका लगाते हो मंडी से किसी तरकारी की तरह रोज खरीद कर लाते हो रात में कहीं सीना ताने अपना बाहुबल आजमाते हो और सुबह होते...

आज़ादी के लिए 0

आज़ादी के लिए

फहरा रहा है ये जो लालक़िले की प्राचीर पर, हम सबको ही गर्व है इस तीन रंग के चीर पर! रंग केसरिया चार-चाँद लगाए इसकी शान पर, करे आव्हान ये कि सर्वस्व अपना बलिदान...