Tagged: Hindi Poetry

दिवाली है आने वाली कहके 0

दिवाली है आने वाली कहके

दिवाली है आने वाली कहके वो अपने बच्चों का मन बहलाता है और कुछ दे नहीं सकता दिलासे के सिवा क्योंकि वो मिट्टी के दिये बनाता है घरों में भले ही पसरा रहता अंधेरा...

ये सियासत हमें सिखाती है लड़ना पर …. 0

ये सियासत हमें सिखाती है लड़ना पर ….

ये सियासत हमें सिखाती है लड़ना पर इनके झंडे तक एक हीं दुकान से आते हैं   जम्हूरियत से मजाक तो हमीं करते हैं इनके डंडे तक हमारे हीं मकान से आते हैं  ...

मुझे  तवज्जो  मत दो,न ही मुझे तुम दाद दो 0

मुझे तवज्जो मत दो,न ही मुझे तुम दाद दो

मुझे तवज्जो मत दो,न ही मुझे तुम दाद दो इस रिश्ते को लेकिन न नफरत की खाद दो। ब्लैक होल है ये दिल,कुछ वापिस जाता नहीं घुट घुट के मर जाऊँगा,मुझे न कोई याद...

बहनें बचपन के दिनों में मित्र ज्यादा होती थीं 0

बहनें बचपन के दिनों में मित्र ज्यादा होती थीं

बहनें बचपन के दिनों में मित्र ज्यादा होती थीं बड़ी तो मम्मी-पापा और ज्यादा कहें तो दादा-दादी और छुटकी तो हमारे रौब के दाब में रहती लेकिन जब छुटकी और मैं एक हो जाते...

तेज़ हवा के झोंके –  नज़ाकत फूलों की कहाँ समझते हैं 0

तेज़ हवा के झोंके – नज़ाकत फूलों की कहाँ समझते हैं

तेज़ हवा के झोंके नज़ाकत फूलों की कहाँ समझते हैं जिनका मर चुका पानी आँख का हिफाज़त असूलों की कहाँ समझते हैं उड़ते रहते हैं हवा में भले वो शरारत झूलों की कहाँ समझते...

बेमौसम पतझड़ 0

बेमौसम पतझड़

रेत के जैसे फिसलती रहती हैं जिंदगी पानी के मानिंद बहती चली जा रही हैं! कौन कंहा किस ओर कब चला जा रहा हैं समुद्र बिना किनारे के बहते चला जा रहा हैं। सोचते...

ऐसे थे हमारे वो गुरु महान… 0

ऐसे थे हमारे वो गुरु महान…

ऐसे थे हमारे वो गुरु महान… अनुपम अद्वैत अमर आभा स्वर बाजे युग युग ललाम देवो से भी अग्रगण्य उस असल कहानी को सलाम ऐसे थे हमारे वो गुरु महान… जीवन की पीड़ा मानव...

तुम्हारी आँखों में 0

तुम्हारी आँखों में

झील कंकड़ी मछली और लहर तुम्हारी आँखों में देख रहा हूँ भटकी हुई भँवर तुम्हारी आँखों में। धुप छाँव बरसात ठण्ड हर मौसम तुम्हारी आँखों में कुछ घबराया सा रहता हैं डर तुम्हारी आँखों...

चाँद 0

चाँद

#चाँद_1 चाँद ना हो गया दुआओ का महल हो गया । लोग देख कर लम्बी उम्र मांग लेते है ।। वो अपनी छत पर मैं अपनी छत पर । चाँद को देख कर नजर...