Tagged: Hindi Poetry

जीवन 0

जीवन

 वो चाहती मै मुस्कान ले होंठ बोलूँ। वो चाहती मै जग जीतकर उसको दे दूँ । मेरी पीठ चढ़ कस बदन बाजुओं से । वो है चाहती मै गगन जाके छू लूँ।   मेरी...

मानते है प्रगति पथ पर हम बहुत आगे बढे हो 1

मानते है प्रगति पथ पर हम बहुत आगे बढे हो

मानते है प्रगति पथ पर हम बहुत आगे बढे हो, बदलो से और ऊपर चाँद-तारो पर चढ़े हो ! जलधि अम्बर एक करके स्वर्ग धरती पर बनाए, और मरुस्थल पर भी तुमने मृदु अम्बु...

संभावनाओं का एक सपना 0

संभावनाओं का एक सपना

संभावनाओं का एक सपना रालेगाँव से एक बाबा ने जगाया दिल तो था उसमे दर्द के दर्द का एहसास दिलाया दिन के बाद दिन गुजर रहे थे रात में तिजोरियां भर रही थी ऐसी...

बेकुसूर – ग़ज़ल 0

बेकुसूर – ग़ज़ल

बेकुसूर का तमगा ढोते-ढोते थक गया हूँ मैं क्या करूँ, जो मुझे गुनाह करना नहीं आता सिलवटों पर लेटे, तारे देखते हुए थक गया हूँ मैं क्या करूँ, जो मुंह ढककर मुझे सोना नहीं...

लिख दूँ! 0

लिख दूँ!

अब बता तुझे क्या क्या लिख दूँ? सुबह लिख दूँ,कि शाम लिख दूँ! दिल के हर कोने में तेरा नाम लिख दूँ, क्या पानी में लिख दूँ,कि शायरी ही लिख दूँ! अपनी गज़ल में...

ताजमहल – मैं मुहब्बत का तराना हूँ ज़माने वालो 0

ताजमहल – मैं मुहब्बत का तराना हूँ ज़माने वालो

मैं मुहब्बत का तराना हूँ ज़माने वालो तेरे झगड़ों से पुराना हूँ ज़माने वालो मुझको बेशर्म सियासत का यूँ सामां न करो करके तौहीन मुझे ऐसे परेशां न करो मैं अजूबा हूँ जहाँ भर...

न जाने क्या हुआ 0

न जाने क्या हुआ

न जाने क्या हुआ, क्यू अब ये दस्तूर हो गया जितना भी पास आया तेरे और भी दूर हो गया वस्ल कि कीमत अदा कुछ यू कि है कि अब दीवानो कि बसतियो मे...

वो विधवा! 0

वो विधवा!

मृगनैनी सी,रूपवती सी, चाँद,सलोने से मुखड़े सी, वो सूंदर स्त्री,जवानी में ही, हो गयी वो विधवा! घाट किनारे,नदियों के पास, पता नही क्या सोच रही थी? वो विधवा! आते जाते निहार रही थी, देख...

चलने हैं कई रास्ते यहाँ चल चल के 0

चलने हैं कई रास्ते यहाँ चल चल के

चलने हैं कई रास्ते यहाँ चल चल के दिखा देंगे हम हवाओं का रूख बदल के मिलों गले सबसे पर मिलना सँभल सँभल के दिखा देंगे हम हवाओं का रूख बदल के दिखा देता...

जिसमें  कोई  भी डर नहीं है 0

जिसमें कोई भी डर नहीं है

जिसमें कोई भी डर नहीं है अब ऐसी कोई नज़र नहीं है। मुंतजिर बना दे खबरों का इक ऐसी कोई खबर नहीं है। मेरे हिस्से का भी तुम ले लो जो टुकड़ा हो वो...