Tagged: Hindi Poetry. Kavishala

ईश्वर और इंसान 0

ईश्वर और इंसान

संबंध अटूट परंतु भेद गहरा है जैसे नदी का समुंद्र से भाप का बादल से बूंद का वर्षा से संबंध अटूट किन्तु भेद गहरा है। एक अनंत तो दूजा सीमित है एक विराट तो...

हुक्म सरकारी है 0

हुक्म सरकारी है

हुक्म सरकारी है जरा जोर से बजाओ मन करे या ना करे मुर्गा बनके बांग, जोर से लगाओ हुक्म सरकारी है जरा जोर से बजाओ मन करे या ना करे कुत्ता बनके दुम, जोर...

धड़कन 0

धड़कन

मेरी हर साँसों मे सिर्फ अब तेरी ही रवानी है… तुझे देखू सिर्फ तेरी ही कहानी है…. दिल की हर धड़कन में अब तू ही धड़क रही है…. हर अहसास में तुझे पाता हूँ…...

ये एक सवाल हर रोज सताता है मुझे… 0

ये एक सवाल हर रोज सताता है मुझे…

एक सवाल हर रोज सताता है मुझे तू अब भी क्यों इतना याद आता है मुझे मेरा नाम, मेरा इश्क़, गवारा नहीं तुझको किस लिहाज से फिर अपना बताता है मुझे जो तू कहता...

फ़िक्रों अदा ले आये हैं ग़ालिब के घराने से 0

फ़िक्रों अदा ले आये हैं ग़ालिब के घराने से

छूट गया हाथ उसका एक उसके जाने से, टूट गयी उम्मीद सारी, उम्र के सिरहाने से। महबूब ने जो बुने हैं चाँद तारे मेरे दामन में अब सँवर के दिखेगा हुस्न मेरे दिखाने से।...

बंद मुट्ठी में हासिल फ़क्त इंतज़ार के कुछ नही! 0

बंद मुट्ठी में हासिल फ़क्त इंतज़ार के कुछ नही!

इस कदर चाहूँ तुझे अब मेरा दम निकल जाये देखूँ,सोचूँ,तुझे पाऊँ अब ये अरमान निकल जाये वो तुझे देखा जब नायाब संगमरमर सा तराशा हुआ मुमताज़ को सोच कर शाहजहाँ का दम निकल जाये...

श्रम 0

श्रम

क्या हमारा श्रम तोला जा सकता है? क्या कहा जाएगा कि ’इसका तो इतना ही होगा भाई’ या कहा जाएगा कि ’यह काफी नहीं है।’ मैंने श्रम दान किया है… इस तरह की कोई...

आदमी ही आदमी 0

आदमी ही आदमी

दुनिया के भीड़ में बढ़ रहा आदमी आपस की होड़ में पिस रहा आदमी रँजोरक्त के प्यासे एक दुसरे के अब खूनी भेड़िया बन रहा आदमी देखना दुश्वार हो गया,तरक्की किसी की अपने अहं...

कमियाँ 0

कमियाँ

बे करारी ही बे करारी हैं कंहा से खुशहाली लाये जिंदगी में! कोई तन्हा हैं यंहा, किसी ने तन्हा छोड़ दिया सभी रिस्तो के होते हुए भी, हर कोई तन्हा हैं इस जिंदगी में!...

बदलेगा समाज 0

बदलेगा समाज

हमेशा सोचता हूँ कि आखिर मैं क्यू सोचता हूँ गर नही बदलेगा जमाना तो फिर ना बदलेगा समाज! लेकिन बाद में सोंचते हुये फिर ये सोचता हूँ गर आज हम ना बदले फिर तो...

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