Tagged: Akib Javed

निर्झर 0

निर्झर

बारिश आयी निर्झर सी बछौर मन भायी सोता बहा दिखा प्रकृति छटा मन समायी इंद्रधनुष रंग बिखेरे खूब झरना खिले आकिब देखो ऋतू बहार आयी निर्झर लायी खूब खिलेंगे झरना पास दृश्य खुशहाली में।।

ऐसे ही चलता रहे अब कारवाँ अपना 0

ऐसे ही चलता रहे अब कारवाँ अपना

मैं तेरा हो जाऊँगा,तू मेरा हो जाना ऐसे ही चलता रहे अब कारवाँ अपना।। हर चेहरे पे यहाँ एक मुखौटा देखा किसको बनाये यहाँ राजदां अपना।। देखा था हूबहू एक शख्स ऐसा ही आईने...

मजहब, जात में इतने बट गये हैं.. 0

मजहब, जात में इतने बट गये हैं..

अपनी नैतिकता हमने यूँ खो दी हैं कितने नीचे अब हम गिर गये हैं मजहब,जात में इतने बट गये है हम इंसान अब कहाँ रह गये हैं टूट कर हम ऐसे बिखर गये हैं...

माँ 0

माँ

घर पे छोड़ जाते हैं सारे बालाओं को माँ के पल्लू में सारे सिक्के मिला करते हैं माँ की दुआओ से फूल खिला करते है। घर मे उन्ही से दिये रोशन हुआ करते है...

उम्र की झुर्रियां चेहरे पे झलक जाती हैं 0

उम्र की झुर्रियां चेहरे पे झलक जाती हैं

छलकता जा रहा हैं वो जाम अब खुशियां मयखाने में मिला करते हैं उम्र की झुर्रियां चहरे पे झलक जाती हैं लोग फिर भी यहाँ जवान हुआ करते हैं दिन में जो ना कभी...

SaveEarth 0

SaveEarth

देश में बढ़ती जनसंख्या ऊपर से जगह की समस्या संख्या बढ़ती जायेगी लोग खाना कहाँ से खायेंगे ना बची गर जमीन किसान फसल कहाँ उगाएंगे।। वक्त के ढेर में मिट गया वजूद मुट्ठी में...

दिसम्बर 0

दिसम्बर

साल का अंतिम महीना हूँ महीनों का मैं नगीना हूँ गर्मी को मैं देता मात जाड़े की लाता सौगात काम धाम सारे छोड़कर रजाई में अब बैठो ओढ़कर आग जलाओ चारों ओर बिना कुछ...

होती हैं माँ की दुआ और तरह की।। 0

होती हैं माँ की दुआ और तरह की।।

देख कर नज़रो से हमे वो मुस्काये ऐसे दिल से मेरे आयी थी सदा और तरह की वो आये थे ख्यालों ख्याल में इस तरह जिंदगी में गम भुलाया और तरह की हर कोई...

होना चाहिये 0

होना चाहिये

इंसान का हमेशा दिल साफ़ होना चाहिये लोगों को माफ़ करने का हुनर होना चाहिये ************************** लोग लगाते हैं तोहमत सदा एक दूसरे पर आपस में लोगो के अख़लाक़ होना चाहिये जूठ,फरेब और मक्कारी...

देखो मोजज़ा का किस अज़ल से इंतज़ार हैं 0

देखो मोजज़ा का किस अज़ल से इंतज़ार हैं

दिल अभी भरा नही,कि तड़प रहा हैं ये मिलने को तुझसे तड़पे रोये जार जार हैं निभा के साथ यूँ,चलना हैं तेरे साथ अब मंजिल अभी मिली नही दिल तार तार हैं ख्वाबो में...

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