Tagged: Akib Javed

रोशनी का कुछ ना कुछ इमकान होना चाहिए 0

रोशनी का कुछ ना कुछ इमकान होना चाहिए

रोशनी का कुछ ना कुछ इमकान होना चाहिए, बंद कमरे में भी रोशनदान होना चाहिए! वो नो अनपढ़ ह चलो हैवान है तो ठीक है, हम पढ़े लिखे को तो इंशान होना चाहिये! हिन्दू-...

तुझे चाहना भूल थी 0

तुझे चाहना भूल थी

मुझे माफ़ कर मेरे हमसफर,,तुझे चाहना मेरी भूल थी.. किसी राह पर जो उठी नज़र,,तुझे देखना मेरी भूल थी.. कोई नज़्म हो या हो ग़ज़ल,,कहीं रात हो कहीं हो सहर.. वो गली गली वो...

मुश्किल से मिलते हैं रिस्ते 0

मुश्किल से मिलते हैं रिस्ते

मुश्किल से मिलते हैं रिस्ते बाते वफ़ा की कंहा रह गयी है, मुश्किल से मिलते है रिस्ते, जिसमे रिस्ते रिभाने की कद्र रह गयी हैं। है कुछ सलीका मिलने का उनसे, दरफ्त दर दरफ्त...

कुछ हाथ ना आएगा 0

कुछ हाथ ना आएगा

हो अगर दुनिया में कोई ऐसा काम, ना दुखे दिल किसी का,हो राह आसान बाद मरने के कुछ ना हाथ आएगा, अंत में मर के कब्रिस्तान, शमशान जायेगा।।

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