Tagged: Akib Javed

रफ्ता रफ्ता गुज़र रही जिंदगी 0

रफ्ता रफ्ता गुज़र रही जिंदगी

रफ्ता रफ्ता गुज़र रही जिंदगी ये जिंदगी हैं,गुज़रती ही नही हैं! ख्वाइशें हैं थोड़ा उम्मीद भी लेकिन हासिल कुछ भी नही हैं! बहुत कुछ छुपाए,कुछ ना कहा बाते तुम्हारी,बातो में कुछ भी नही हैं!...

हे प्रिये! 0

हे प्रिये!

हे प्रिये! तुमने क्यू ना ध्यान दिया, मेरा दिल ऐसे तोड़ दिया। बातो ही बातो में सब कुछ, ऐसा बोल दिया। सुनो ना तुम! शब्दो का क्यू ना मोल किया, उन शब्दों को ऐसे...

ठण्ड और अहसास 0

ठण्ड और अहसास

मौसम ने अपना मिजाज बदल लिया, क्या तुमने भी खुद को बदल लिया! वो ठण्ड राते! याद हैं ना तुम्हे! तुम्हारी वो तेज चलती गर्म सांसे युही नही चल रही थी। कोई तो वजह...

प्यार से रहना सिखाये अपने दयार को 0

प्यार से रहना सिखाये अपने दयार को

फूलो की खुश्बू महकायेगी बयार को प्यार की चहक चाहकाएंगी दयार को। एक इश्क की लौ लगा लो तुम जरा प्यार से गले लगा लो तुम प्यार को। होती हो बदगुमानी गर तुमको अब...

आदमी ही आदमी 0

आदमी ही आदमी

दुनिया के भीड़ में बढ़ रहा आदमी आपस की होड़ में पिस रहा आदमी रँजोरक्त के प्यासे एक दुसरे के अब खूनी भेड़िया बन रहा आदमी देखना दुश्वार हो गया,तरक्की किसी की अपने अहं...

कमियाँ 0

कमियाँ

बे करारी ही बे करारी हैं कंहा से खुशहाली लाये जिंदगी में! कोई तन्हा हैं यंहा, किसी ने तन्हा छोड़ दिया सभी रिस्तो के होते हुए भी, हर कोई तन्हा हैं इस जिंदगी में!...

बदलेगा समाज 0

बदलेगा समाज

हमेशा सोचता हूँ कि आखिर मैं क्यू सोचता हूँ गर नही बदलेगा जमाना तो फिर ना बदलेगा समाज! लेकिन बाद में सोंचते हुये फिर ये सोचता हूँ गर आज हम ना बदले फिर तो...

बेमौसम पतझड़ 0

बेमौसम पतझड़

रेत के जैसे फिसलती रहती हैं जिंदगी पानी के मानिंद बहती चली जा रही हैं! कौन कंहा किस ओर कब चला जा रहा हैं समुद्र बिना किनारे के बहते चला जा रहा हैं। सोचते...

तुम्हारी आँखों में 0

तुम्हारी आँखों में

झील कंकड़ी मछली और लहर तुम्हारी आँखों में देख रहा हूँ भटकी हुई भँवर तुम्हारी आँखों में। धुप छाँव बरसात ठण्ड हर मौसम तुम्हारी आँखों में कुछ घबराया सा रहता हैं डर तुम्हारी आँखों...

कम्बख्त कुछ कमी सी हैं जिंदगी में 0

कम्बख्त कुछ कमी सी हैं जिंदगी में

कम्बख्त कुछ कमी सी हैं जिंदगी में बहुत कुछ सोचा पर कुछ मिला नही। बचपन में पढ़ते,खेलते,गिरते सम्भलते बहुत कुछ सोचा पर कुछ मिला नही। खैर बचपन के वो सपने सपने ही होते हैं...

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