Tagged: akib javed kavishala

गूँज उठेगी धरती सारी अब जयहिंद के नारों से 0

गूँज उठेगी धरती सारी अब जयहिंद के नारों से

गूँज उठेगी धरती सारी अब जयहिंद के नारों से। काँप उठेंगे दुश्मन सारे अब सैनिक के इशारो से।। भुजा में ताकत,मुस्कान लिए ना डरते कटारों से।।। देश की आन बान को हरदम तैयार रहते वारो...

ज़िन्दगी की चादर फैलाई 0

ज़िन्दगी की चादर फैलाई

ज़िन्दगी की चादर फैलाई निकली अब चादर हरजाई सूनी आँख ख्वाब गायब रात भर यूँ नींद ना आई ज़िन्दगी यूँ फिसलती रही बन्द घड़ी कुछ ना बताई ज़िन्दगी का सफर करना है हर सफर...

उनको याद करना सजा हो गया 0

उनको याद करना सजा हो गया

उनकी याद का अब नशा हो गया उनको याद करना सज़ा हो गया हम बेखबर रहे,दिल के खबर से यूँ एकदूसरे का अब नशा हो गया बस कर साँसों में,दिल से निकाला दिये सारे...

जर्रे जर्रे में है साया तेरा, लगता हर बार नया है 0

जर्रे जर्रे में है साया तेरा, लगता हर बार नया है

जर्रे जर्रे में हैं साया तेरा,लगता हर बार नया है मुश्किलातों का किया सामना,मंज़र यूँ नया है तकलीफों को भूलते,फिर दर्द हर बार नया है ज़ख्म भी देते हैं, लेकिन दवा हर बार नया...

सूरज निकल रहा था कि नींद आ गई मुझे!!ग़ज़ल 0

सूरज निकल रहा था कि नींद आ गई मुझे!!ग़ज़ल

प्रेम का धागा बाँधा आपने,उनकी याद तड़पा गयी मुझे बरसो बाद देखा हमने,यूँ ही आँखे छलका गयी मुझे सहमे सहमे से रहते थे वो,ख्वाबो में मुझे सोचकर हकीकत में दीदार कराकर वो फुसला गई...

जाने वाले को कौन रोक पायेगा 0

जाने वाले को कौन रोक पायेगा

जाने वाले को कौन रोक पायेगा जो जायेगा कुछ यादे दे जायेगा कुछ गलती भी हुई होगी हमसे कोई हमारा दिल दुखा जायेगा कुछ को अब तुम माफ़ करना कोई हमारे दिल में बस...

हिन्द के निवासी हैं, फख्र करेंगे 0

हिन्द के निवासी हैं, फख्र करेंगे

हिन्द के निवासी हैं,फख्र करेंगे देश के लिए जियेंगे,मर मिटेंगे ये दौलत,जवानी कुर्बान करेंगे देश के लिए हम नग़मे लिखेंगे तिरंगे को शान से,हाथो में थामेंगे सारे जहाँ से अच्छा हिन्दुस्तां पढ़ेंगे ख़ाखे ज़माने...

माँ 0

माँ

ज़िन्दगी में जिसके माँ नही होती है उनसे पूछो माँ की कमी क्या होती है।। जब आफ़त मेरे सर पे आन पड़ती है सिखाई माँ की सीख याद पड़ती है।। आँधियों में भी चरागों...

सजदों में लज़्ज़त ना थी…मेरी दोस्ती से पहले 0

सजदों में लज़्ज़त ना थी…मेरी दोस्ती से पहले

तुझे कोई जानता ना था…मेरी दोस्ती से पहले तेरी जिंदगी रोशन कहाँ थी…मेरी बंदगी से पहले तेरी सादगी कहाँ थी..मेरी हाज़री से पहले तू खुदा कहाँ था ऐसा…मेरी बंदगी से पहले फ़िज़ा में रंगीनियाँ...

मुस्कान 0

मुस्कान

मन को अपने साधो दुखड़ा किसी से ना बाँटो सब लोगो की सुनते हैं पीठ पीछे बाते बुनते हैं चेहरे में इक हँसी रखो दिल में कोई ख़ुशी रखो लोगो को यही भाता हैं...

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