Kavishala Mumbai <> Press Release

<Hindi />

कविशाला, कवियों की एक पाठशाला जिसने अपनी यात्रा एक साल पहले शुरू की थी, आज कई पड़ावो को पार करते हुए मुंबई शहर पहुच चुकी है ! तकनीकी दुनिया से ताल्लुक रखने वाले अंकुर मिश्रा ने कविशाला की शुरुआत आज से एक साल पहले दिल्ली से की थी, उन्होंने कविशाला डॉट इन (www.kavishala.in) का एक ऑनलाइन पोर्टल स्टार्ट किया था जिसमे नये और युवा कवि अपनी रचनायें लोगो के साथ साझा कर सकते है साथ ही साथ आज से छः पहिने पहले दिल्ली शहर से हर महीने मीटअप करने शुरू किये थे !

एक साल के छोटे से समय में नए कवियों के इस प्लेटफार्म ने कवियों ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों जगन जोड़ कर रखा है ! आज ऑनलाइन 3000 से ज्यादा कवि अपनी कवितायें साझा करते है कविताओं की संख्या 30000 से भी ज्यादा है जो कोई भी ऑनलाइन आकर पढ़ सकता है और अपने सुझाव साझा कर सकते है!
“कविशाला जिस उद्देश्य की पूर्ती के लिए निकला है वो समस्या केवल दिल्ली की नहीं है पूरे देश के साहित्य को इंटरनेट पर लाना होगा, इसके लिए कविशाला का हर शहर में होना जरूरी है “अंकुर मिश्रा, फाउंडर कविशाला !
इसी ध्येय के साथ कविशाला की टीम ने एक मीटअप का आयोजन मुंबई में किया ! हर नयी शुरुआत के लिए एक मार्गदर्शन की जरूरत होती है! इसीलिए मीटअप में कुछ वरिष्ठ कवि भी उपस्थित रहे! मुंबई से  कविताओं और टीवी से ताल्लुक रखने वाले लोगो में ‘लता हया’ का नाम कौन नहीं जानता होगा !
यहां पर कविशाला के 40 से ज्यादा युवा और नए कवियो ने अपनी रचनाये रखी और लता हया एवं गैंग सिस्टर्स ने कुछ वरिष्ठ कवियों के साथ नए कवियों को कविता में पारखता  हासिल करने के गुण सिखाये, नयी और युवा कविता में और क्या सुधार होने चाहिए और कैसे नयी कविता को बेहतर बनाया जा सकता है इस पर भी कवियों को वरिष्ठ कवियों द्वारा ज्ञान दिया गया !
कविशाला का उद्देश्य है हर कविता को ऑनलाइन होना चाहिए, यही एक जरिया है जिससे हम किसी से भी चौबीस घंटे जुड़े रह सकते है, किसी को पढ़ सकते है, किसी को फीडबैक दे सकते है!
इसी प्रयास में संघर्षरत है कविशाला, हर नये, पुराने कवि को कविशाला का सदस्य होना चाहिए, आज एक अच्छी बड़ी कविताओं का संग्रह बन चुका  है कविशाला !
मुंबई मीटअप में मुंबई के कवियों से कविशाला को एक अच्छा रिस्पांस मिला, इस इवेंट का संचालन कविशाला के सदस्य दानिश ने किया !!
मुंबई के पूरे मीटअप का कोर्डिनेशन निर्देश ने किया, कार्यक्रम वास्तव में सराहनीय रहा !
<English/>
Kavishala , a Class of poets which started its journey one year ago,  today after crossing many milestones, kavishala reached Mumbai. Kavishala was started by an Engineer – Ankur Mishra, he started kavishala as an online portal Kavishala.in. Kavishala is a platform for new and young poets, where they can discuss, share and write poetry online. Kavishala has also started offline meetups from March last year, and till now it has done more than 20 meetups.
In just one year, kavishala has done good work – online as well as offline. Today it has more than 3000 poets online and more than 30000 poetry. You can read that poetry and share your views.
Founder of Kavishala – Ankur Mishra says, Kavishala exists because we are living in the Internet era and our most favorite thing poetry should be available online, where we can read our new poets any time, can learn from them and can express our views as well “
Today Kavishala did a meetup in Mumbai,  we always need guidance for new things so kavishala invited Lata haya (A well known Poet and TV actress), from her we can get some help, guidance and can know about our mistakes.
More than 40 Kavishala poets attended this event with awesome content, and they received/ got some guidance from the experinced poets. Some poetry was awesome and some needed modification in content.
Main motive of Kavishala is that each poem should be present online since this is the only way we can be connected with everyone 24 hours, can read anyone , can give feedback to anyone. Kavishala is trying every possible way to match up to people’s expectations, every new, old poet should become member of kavishala .
Today, kavishala has become a collection of excellent, detailed poems.
Kavishala has received  great response from poets from Jaipur in Jaipur meetup.
This Whole event was coordinated by Nirdesh and Hosted by Kavishala Member Danish.
 For Any Other Information and Images please Contact- ankur@kavishala.in
Please wait...

Never Miss Any Poetry, Join Our Family

Want to be notified when any New Poetry Published? Enter your email address and name below to be the first to know.