Kavishala – Lucknow Meetup | July’2017

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Kavishala - Lucknow Meetup | July'2017

कविशाला, कवियों की एक पाठशाला जिसने अपनी यात्रा एक साल पहले शुरू की थी, आज कई पड़ावो को पार करते हुए जयपुर और दिल्ली के बाद नबाबो के शहर लखनऊ पहुच चुकी है ! इंजीनियर और तकनीकी दुनिया से ताल्लुक रखने वाले अंकुर मिश्रा ने कविशाला की शुरुआत आज से एक साल पहले से की थी, उन्होंने कविशाला डॉट इन (www.kavishala.in) का एक ऑनलाइन पोर्टल स्टार्ट किया था जिसमे नये और युवा कवि अपनी रचनायें लोगो के साथ साझा कर सकते है!
दिसंबर में दिल्ली से ही नए कवियों के लिए कविशाला ने मीटअप स्टार्ट किये थे, कई पड़ावों और शहरो को पार करते हुए नए कवियों का यह मंच लखनऊ तक पहुंच गया!
एक साल के छोटे से समय में नए कवियों के इस प्लेटफार्म ने कवियों ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों जगन जोड़ कर रखा है ! आज ऑनलाइन 1700 से ज्यादा कवि कविशाला अपनी कवितायें साझा करते है जिन्होंने कविशाला को 13000 कविताओं से ज्यादा का संग्रह मात्र एक साल में बना दिया है ! यहां पर कवि कविताओं को लिखने के साथ साथ उनकी खामियां और कमियाँ भी देखते है और साथी कवियों को बताते है जिससे वो उसमे सुधर कर सके और लिखने के लिये प्रेरती हो सके!”कविशाला जिस उद्देश्य की पूर्ती के लिए निकला है वो समस्या केवल दिल्ली या जयपुर की नहीं है पूरे देश के साहित्य को इंटरनेट पर लाना होगा, इसके लिए कविशाला का हर शहर में होना जरूरी है ” अंकुर मिश्रा !
कविशाला ने इस उद्देशय की पूर्ति के लिए – लखनऊ शहरमे पदार्पण किया! जो शहर कभी साहित्त्य सिरोमणि हुआ करता था, उसका साहित्य कही दबता सा जा रहा है! कविशाला ने उस शहर मेशांत बैठे कवियों को जगाने और युवाओ को एक नया मंच देने का प्रयास किया है! कविशाला ने लखनऊ मीटअप का आयोजन शीरोज हैंगऑउट के साथ किया, कविताओं की पाठशाला में करीब 127 कवियों और कविता प्रेमियों ने हिस्सा लिया!
इस पाठशाला में करीब ४० युवा कवियों ने अपनी कवितायें लोगो के साथ की, सौ साथ ही साथ देश के जाने मने कवियों- पंकज प्रसून जोशी, निर्मल दर्शन और अभिषेक शुक्ला ने इन कवियों को उनकी कविताओ की कमियाँ और खामियाँ बताई! पंकज प्रसून जोशी, निर्मल दर्शन और अभिषेक शुक्ला ने नये कवियों को मंच में कविता पढ़ने और और कविता लिखने के बारे में भी विधाओं के अनुसार बताया! पंकज प्रसून देश के लिए हास्य और व्यंग का एक बड़ा चेहरा है, अभिषेक शुक्ला देश की उर्दू शायरी को विदेशो भी में प्रस्तुत करते है और निर्मल दर्शन हिंदी, उर्दू , अवधी के कवि और लेखक है!
कविशाला के युवा कवियों का मनोबल बढ़ाने के लिए रेडिओ की दुनिया की शानदार आवाज – नीलेश मिश्रा ने अपना कुछ चाँद समय इनके साथ गुजारा और अपना एक गाना गुनगुनाया!
शीरोज हैंगआउट की इस शाम कम शानदार और जानदार लोगो के साथ नए और युवा कवियों ने जो समां बंधी वो सच में सराहनीय था!
“मैंने कभी नहीं सोचा था कविशाला को लखनऊ में इतनी अच्छी शुरुआत मिलेंगे, हमने जब दिल्ली में पहला मीटअप कराया था तो करीब १४-१५ लोग ही आये थे! मगर जो शरुआत लखनऊ के लोगो और कविता प्रेमियों ने कविशाला को दी है उससे यही प्रतीत होता है लखनऊ में लोगो साहित्य को जगाने के लिए काम करना होगा यहाँ साहित्य और कविताये भरी पड़ी है मगर उनके लिए मंच लाने होंगे”, अंकुर मिश्रा !
यहाँ फिल्म लेखक और नॉवलिस्ट नित्य प्रकाश के साथ-साथ कविशाला दिल्ली (पुनीत अग्रवाल, नेहा दुबे , Danish) और जयपुर (अनुज पारीक) से भी लोगो ने भाग लिया!
दानिश खान ने मीटअप का सञ्चालन किया!
अंत में शीरोज हैंगआउट के फाउंडर ने कविशाला को हर महीने इस  मीटअप करने का आग्रह किया, जिससे युवा साहित्य की चमक बरकरार रहे !