Category: Vivek Bijnori

धनाक्षरी 0

धनाक्षरी

“अंधविश्वास कैसा आस्था के नाम लोग, हिंसा का तांडव सरे आम किये जाते हैं। भक्त ये हैं बन बैठे ऐसे बाबाओं के सुनो, गुरु शब्द को जो बदनाम किये जाते हैं। खोलो अपनी आंखें...

मेरी बर्बादी का सबब पूछेंगे 1

मेरी बर्बादी का सबब पूछेंगे

मेरी बर्बादी का सबब पूछेंगे वो क्या, कैसे ओर कब पूछेंगे।। मेरी गजलों को पढ़कर लोग सभी। मेेरे शेरोंं का मतलब पूछेंगे। मैं ख़ामोश हूँगा तू फ़िक्र ना कर। वो ऐसे सवाल कभी जब...