Category: Vikas Bansal

दिवाली है आने वाली कहके 0

दिवाली है आने वाली कहके

दिवाली है आने वाली कहके वो अपने बच्चों का मन बहलाता है और कुछ दे नहीं सकता दिलासे के सिवा क्योंकि वो मिट्टी के दिये बनाता है घरों में भले ही पसरा रहता अंधेरा...

तेज़ हवा के झोंके –  नज़ाकत फूलों की कहाँ समझते हैं 0

तेज़ हवा के झोंके – नज़ाकत फूलों की कहाँ समझते हैं

तेज़ हवा के झोंके नज़ाकत फूलों की कहाँ समझते हैं जिनका मर चुका पानी आँख का हिफाज़त असूलों की कहाँ समझते हैं उड़ते रहते हैं हवा में भले वो शरारत झूलों की कहाँ समझते...

जो कर दि मैनें ग़लतियाँ अब भला 0

जो कर दि मैनें ग़लतियाँ अब भला

जो कर दि मैनें ग़लतियाँ अब भला, उन्हें मैं उन्हें सुधारूँ तो सुधारूँ कैसे ! चल रहे थे साथ साथ हम बिछड़ गये, दोस्तों को अब पुकारूँ तो पुकारूँ कैसे ! लग गयी नज़र...

जिसमें चाबी भरते भगवान…  आदमी चलता फिरता वो खिलौना है 0

जिसमें चाबी भरते भगवान… आदमी चलता फिरता वो खिलौना है

जिसमें चाबी भरते भगवान आदमी चलता फिरता वो खिलौना है कभी काँटों के पथ पे चलता तो कभी वो स्वप्न एक सलौना है दिन रात कटाने के लिये पहर चाँद की चादर मिट्टी का...

इंसान भी शैतानों की जात में आ गये 0

इंसान भी शैतानों की जात में आ गये

इंसान भी शैतानों की जात में आ गये अब तो शरीफ़ भी औक़ात में आ गये पता नहीं किया जुर्म हुआ था हमसे तभी ऐसे पड़ौसी सौग़ात में आ गये जो उठायेगा नज़र हमारे...

आज की रात है ज़िन्दगी 0

आज की रात है ज़िन्दगी

आज की रात है ज़िन्दगी कभी याद आना है ज़िन्दगी कभी भूल जाना है ज़िन्दगी रूठ जाना, मनाना है ज़िन्दगी पल पल आज़माना है ज़िन्दगी सहना और निभाना है ज़िन्दगी आँसू हैं, ख़ुशी है,...

चलने को चल सकता काम कम में 0

चलने को चल सकता काम कम में

चलने को चल सकता काम कम में पर क्या करें हसरतें बहुत हैं मिलने को मिल सकती है मंजील पर क्या करें कसरतें बहुत हैं जी करता है की उसपे विश्वाश करें पर रंग...

करता हूँ प्यार तो लोग दिवाना समझते हैं 0

करता हूँ प्यार तो लोग दिवाना समझते हैं

करता हूँ प्यार तो लोग दिवाना समझते हैं मेरे अपने ही मुझे यहाँ बेगाना समझते हैं जलता हूँ मैं जलने में भी मज़ा जब हो शमां लेकर आते हैं मशालें मुझे परवाना समझते हैं...

कोई कह दे मौसम से यूँ ज़रा 0

कोई कह दे मौसम से यूँ ज़रा

कोई कह दे मौसम से यूँ ज़रा कि हमें वो इस क़दर न बहकाये जिन्हें भूल चूके हैं हम अब यहाँ करें याद, उन्हें हिचकी न आ जाये वो ना बरसा तब, जब ज़रूरत...