Category: Reena Mishra

मौत 0

मौत

जिंदगी का मंजर अभी अधूरा है, मौत दूर ही रहना देखना अभी पूरा है खुशनुमा जिंदगी की तुम खामोशी हो तुम प्रारंभ हो, फिर भी तुम दोषी हो जिंदगी से नहीं परहेज हमें, ना...

एहसास हो मेरे 0

एहसास हो मेरे

झिलमिलाती आंखों के बीच तुम रिमझिमाते हुए आ जाते हो, मंद मंद हवाओं में सुगंध बन मेरी सांसों में समा जाते हो, क्या ये  तुम हो या सिर्फ एहसास है मेरा। मेरी नींदों में...

दिल आवारा है 2

दिल आवारा है

दिल आवारा है, क्या करें आदत का मारा है। इस डगर से उस डगर फिरता बेचारा है, करता अपनी मनमानी कहलाता नाकारा है, काम और आराम दोनों ने इसे गवारा है, क्योंकि दिल आवारा...

मैं बेरोजगार हूं 0

मैं बेरोजगार हूं

मैं बेरोजगार हूं, हां मैं बेरोजगार हूं तो क्या हुआ मैं भी प्यार करने का हकदार हूं। मेरे भी दिल में धड़कन है , और उसमें तुम्हें पाने की तड़पन है। फिरता हूं मैं...

समय हो गया 0

समय हो गया

उठो समय हो गया जागने का, माना अभी अंधेरा है, पर तुम्हें यहि तो दूर भगाना है, तुम्हें भी तो अपने सपने सजाना है, या फिर युं हि हवा में उड़ाना है।। अब तो...

बचपन 3

बचपन

एक बचपन हमने भी देखा था, क्या वो हम ही थे ?या आंखों का धोखा था।। कुछ नहीं चाहिए था हमें हमारी इच्छाओं में तो बस मस्तियों का झरोखा था।। कुछ नहीं पाया था...

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