Category: Pankaj Rawat

रात.. 0

रात..

शाम महफ़िल में तेरा चर्चा रहा, रात मेरी महकी सी आज गुज़रेगी। #दिलसे

आसमाँ अब मेरी ज़मीन… 0

आसमाँ अब मेरी ज़मीन…

ख़ामोश हूँ शब्दविहीन जीवन क्या अर्थहीन ना उमड़ते ख़्याल कहाँ वो सवाल बस चलना दिशाहीन आसमाँ अब मेरी ज़मीन। #दिलसे

याद.. 0

याद..

थोड़ा सा और बर्बाद करता है, वो जब भी मुझे याद करता है। #दिलसे

ख़्वाब.. 0

ख़्वाब..

सोई सी फ़िर एक रात में जागते हैं, तेरे ख़्वाब को महताब सा ताकते हैं। #दिलसे

ज़र्द ख़्वाब.. 0

ज़र्द ख़्वाब..

कुछ नए ज़र्द से ख़्वाब लिखे हैं इन दिनों और तुम्हारे सिरहाने तले सब रख छोड़े हैं, पुरानी यादों की बारिश से भीगी हुई वो रातें और आँखों से किये वादे जो तुमने तोड़े...

कुछ लोग.. 0

कुछ लोग..

कुछ लोगों से आप मिलते हैं, कभी भी नहीं मिलने के लिए। #दिलसे छुआ था उस रात तुमने मुझे, आँखों ने कैसी ये ख़ता कर डाली। #दिलसे अब मैं सुबह अख़बार नहीं पढ़ता.. कुछ...

इश्क़ आजकल… 2

इश्क़ आजकल…

आँखें मिलती हैं लब मुस्कुराते हैं उंगलियाँ चलती हैं फ़ोन के कीपैड पर इश्क़ आजकल कुछ यूँ होता है। नज़दीकियां बड़ती हैं मुलाकातें होती हैं हथेलियाँ टकराती हैं लब थरथराते हैं सेल्फियां ली जाती...

ख़्वाबों… ​ 0

ख़्वाबों… ​

ख़्वाबों… किताबों में मुझे पढ़ रही होगी मेरे ख़्वाबों से शायद लड़ रही होगी पा लेना मुझे मुश्किल भी न था ख़ुद से अब वो बहुत झगड़ रही होगी। #दिलसे