Category: nilabh Singh

मुझे  तवज्जो  मत दो,न ही मुझे तुम दाद दो 0

मुझे तवज्जो मत दो,न ही मुझे तुम दाद दो

मुझे तवज्जो मत दो,न ही मुझे तुम दाद दो इस रिश्ते को लेकिन न नफरत की खाद दो। ब्लैक होल है ये दिल,कुछ वापिस जाता नहीं घुट घुट के मर जाऊँगा,मुझे न कोई याद...

थोड़ी  अना  तो  हम  जुरुर  रखते  हैं 0

थोड़ी अना तो हम जुरुर रखते हैं

थोड़ी अना तो हम जुरुर रखते हैं दिल को दिमाग से ज़रा दूर रखते हैं। पिलाती हैं हँसती तो कभी रोती आँखें कुछ यूँ मुसलसल हम सुरूर रखते हैं। तलब है नवाबी की अब...

सुबह  आयी  है तो शाम आयेगी 0

सुबह आयी है तो शाम आयेगी

सुबह आयी है तो शाम आयेगी फिर तन्हाई ही तो काम आयेगी। हुक्मरां कर रहें हैं बातें मीठी बहुत जल्द ही लगाम आयेगी। चीज़ अच्छी ऐसे ही नहीं कहता पता है वो बन के...

हमें जिंदगी से कोई शिकायत नहीं है 0

हमें जिंदगी से कोई शिकायत नहीं है

हमें जिंदगी से कोई शिकायत नहीं है जो जिन्दा हैं क्या ये इनायत नहीं है। लहू के धब्बों को तेरा बोसा बताया क्या काफी ये तेरी हिमायत नहीं है। राम ,रावण,कंस,कृष्ण एक शख्स में...

इश्क हो नहीं रहा, किया जाए क्या 0

इश्क हो नहीं रहा, किया जाए क्या

इश्क हो नहीं रहा,किया जाए क्या जिंदगी को मौका ,दिया जाए क्या। बहुत कुछ खरीदा बाजार से हमने सुकून भी थोड़ा, लिया जाए क्या। पी लिया सब कुछ,बेखुदी न मिली दो घूंट जहर ही...

सच  बोल  कर  कई  बेकार  हो गए 0

सच बोल कर कई बेकार हो गए

सच बोल कर कई बेकार हो गए झूट बेचकर कई सरकार हो गए। वो अपनी ही जमीन पे मजदूर थे हुक्मरां अब उसके जमींदार हो गए। गैरत को थोड़ा कम क्या किया मैंने इस...

मेरे चाँद की इक नज़र लो चाँद 0

मेरे चाँद की इक नज़र लो चाँद

मेरे चाँद की इक नज़र लो चाँद थोड़ा सा उसका असर लो चाँद। जलता है सूरज मेरे अन्दर तुम अपनी रूह में भर लो चाँद। हुआ है आसमान रौशन बहुत रुख धरती का अब...

ज़रा देखो, वो परेशान है क्या 0

ज़रा देखो, वो परेशान है क्या

ज़रा देखो वो परेशान है क्या जो अगर है उसे ये ज्ञान है क्या चलो बात करें उससे उसे ज्ञात करें इससे समाधान तभी सम्भव है पता हो जब कि समस्या है मेरे दोस्त...

हर रिश्ते की अपनी ही निशानियां हैं 0

हर रिश्ते की अपनी ही निशानियां हैं

हर रिश्ते की अपनी ही निशानियां हैं कहीं तनहाइयां तो कहीं शहनाइयां हैं। नज़र बदल कर जो मैंने देखी दुनिया हैरत में डालतीं बिखरी रानाइयां हैं। अक्सर वीराने में ही ढूँढता हूँ खुद को...