Category: Kavishala

जुगनू 0

जुगनू

अँधेरे की सरगोशियों में सब शांत सा हो गया , खाट पे लेटे लगा जैसे जीवन अशांत सा हो गया.. कहाँ गया वो सुख वो चैन ? कैसी होगी कल सुबह ? सवाल यही...

बारिश 0

बारिश

बारिशों के इरादे अगर खतरनाक हों, तो पतंगें उड़ाओ ये किसने कहा? #आशिक

पाले बहुत है 0

पाले बहुत है

ख्वाब इश्क के हमने पाले बहुत है आसमां मे जो बादल है, काले बहुत है!! खुलकर सामने आये तो भी क्या होगा जब उनकी आंखों मे जाले बहुत है!! इश्क किसी से लडाए तो...

बेतुके शब्द 0

बेतुके शब्द

कुछ है नहीं बाहर बस ये अन्दर ही अन्दर बिखरा था बाहर सिर्फ स्याही थी .. अन्दर पूरी तबाही थी इतनी सरहदे बाहर न थी , जितनी अंदर दीवारे थी । जिस उलझन से...

मुंतजिर होकर रह गये 0

मुंतजिर होकर रह गये

मेरे ख्वाब महज ख्वाब होकर रह गये हम जो अपने थे कभी आज तेरे होकर रह गये!! लोगो ने मुक्कमल मुकाम दिया .मोहब्बत को हम तो बस तेरी आंखों मे खोकर रह गये!! हर...

कलबुर्गी, दाभोलकर अब गौरी….. 0

कलबुर्गी, दाभोलकर अब गौरी…..

कलबुर्गी, दाभोलकर, अब गौरी… वो हर उठती आवाज दबा दी जायेगी। ताकि.. ना हो बुलंद फिर से आवाज जनता की.. हुक्मरानों के खिलाफ उन स्वघोषित देशभक्तों के खिलाफ.. उजड़ते आशियानो के खिलाफ.. वो हर...

सुबह सुबह 0

सुबह सुबह

सुबह सुबह… जब पूरी दुनिया सो रही होती है.. ये हवाएँ .. जिनमे बहुत ठंडक होती है .. अलग ही कहानी बयां कर रही होती है कभी सुनना इन हवाओं की भी.. महसूस करना...

हमारे ना होने से क्या होगा … 0

हमारे ना होने से क्या होगा …

हमारे ना होने से क्या होगा क्या दिन नहीं होगी , या रात नही होगी ? किसी से किसी की मुलाकात नही होगी ? फूल नही खिलेंगे क्या बरसात नही होगी ? बादल नही...

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कीमती पत्थर एक युवक कविताएँ लिखता था, लेकिन उसके इस गुण का कोई मूल्य नहीं समझता था। घरवाले भी उसे ताना मारते रहते कि तुम किसी काम के नहीं, बस कागज काले करते रहते...