Category: Kavishala

क्यूँ ज़िन्दगी की राह में – जावेद अख़्तर 0

क्यूँ ज़िन्दगी की राह में – जावेद अख़्तर

क्यूँ ज़िन्दगी की राह में मजबूर हो गए इतने हुए करीब कि हम दूर हो गए ऐसा नहीं कि हमको कोई भी खुशी नहीं लेकिन ये ज़िन्दगी तो कोई ज़िन्दगी नहीं क्यों इसके फ़ैसले...

तुमको देखा तो ये ख़याल आया – जावेद अख़्तर 0

तुमको देखा तो ये ख़याल आया – जावेद अख़्तर

तुमको देखा तो ये ख़याल आया ज़िन्दगी धूप तुम घना साया आज फिर दिल ने एक तमन्ना की आज फिर दिल को हमने समझाया तुम चले जाओगे तो सोचेंगे हमने क्या खोया, हमने क्या...

प्यार मुझसे जो किया तुमने – जावेद अख़्तर 0

प्यार मुझसे जो किया तुमने – जावेद अख़्तर

प्यार मुझसे जो किया तुमने तो क्या पाओगी मेरे हालात की आंधी में बिखर जाओगी रंज और दर्द की बस्ती का मैं बाशिन्दा हूँ ये तो बस मैं हूँ के इस हाल में भी...

जाते जाते वो मुझे – जावेद अख़्तर 0

जाते जाते वो मुझे – जावेद अख़्तर

जाते जाते वो मुझे अच्छी निशानी दे गया उम्र भर दोहराऊँगा ऐसी कहानी दे गया उससे मैं कुछ पा सकूँ ऐसी कहाँ उम्मीद थी ग़म भी वो शायद बरा-ए-मेहरबानी दे गया सब हवायें ले...

हर ख़ुशी में कोई कमी सी है – जावेद अख़्तर 0

हर ख़ुशी में कोई कमी सी है – जावेद अख़्तर

हर ख़ुशी में कोई कमी-सी है हँसती आँखों में भी नमी-सी है दिन भी चुप चाप सर झुकाये था रात की नब्ज़ भी थमी-सी है किसको समझायें किसकी बात नहीं ज़हन और दिल में...

दर्द अपनाता है पराए कौन – जावेद अख़्तर 0

दर्द अपनाता है पराए कौन – जावेद अख़्तर

दर्द अपनाता है पराए कौन कौन सुनता है और सुनाए कौन कौन दोहराए वो पुरानी बात ग़म अभी सोया है जगाए कौन वो जो अपने हैं क्या वो अपने हैं कौन दुख झेले आज़माए...

वक़्त – जावेद अख़्तर 0

वक़्त – जावेद अख़्तर

ये वक़्त क्या है? ये क्या है आख़िर कि जो मुसलसल गुज़र रहा है ये जब न गुज़रा था, तब कहाँ था कहीं तो होगा गुज़र गया है तो अब कहाँ है कहीं तो होगा...