Category: Kavishala

पीली चूड़ियाँ 0

पीली चूड़ियाँ

  पीली चूडियाँ मेरे हाथ की ये पीली चूड़ियाँ नींद में भी मुझे जगाती हैं कभी खट्टी, कभी मिट्ठी नींद सुलाती हैं मेरे हाथ की ये पीली चूड़ियाँ कभी मेरी कलाई के सहारे खनक-खनक...

मैं शहीद हूँ 0

मैं शहीद हूँ

मैं शहीद हूँ वह आज फिर छत पर आई होगी चॉद से थोड़ी देर बतियाई होगी तारों पर थोड़ी देर ललचाई होगी फिर चाँद को देख कोई गीत गुनगुनाई होगी फिर पायल झनकाती नीचे...

ये घर बड़ी ही मुश्किलों से बना था, हालाँकि, अब यहाँ कोई रहता नहीं है। 0

ये घर बड़ी ही मुश्किलों से बना था, हालाँकि, अब यहाँ कोई रहता नहीं है।

आँखों से अब लहू बहता नहीं है, दर्द होता है, मगर वो कहता नहीं है। ये घर बड़ी ही मुश्किलों से बना था, हालाँकि, अब यहाँ कोई रहता नहीं है। हमारे बुज़ुर्गों ने सारा...

जन है रोता मन है रोता.. रोता वन्देमातरम 0

जन है रोता मन है रोता.. रोता वन्देमातरम

जन है रोता मन है रोता रोता वन्देमातरम नये दौर में बापू तेरे कातिल पुज रहे रोता है आजाद वतन । खादी हुआ अंग्रेज़ी से महंगा अहिंसा ने सफेद कफन है पहना जन जन...

मुझे नहीं चाहिए बुलेट ट्रेन 0

मुझे नहीं चाहिए बुलेट ट्रेन

मुझे नहीं चाहिए बुलेट ट्रेन, टूटे अपने कुछ खिलौने देना, पेट रहता अक्सर खाली मेरा, दो वक़्त का मुझको खाना देना, ना बनना चाहूं लक्ष्मी और दुर्गा, बस बेटो के जैसे जीने की, माँ...

दिल की आवाज़ 0

दिल की आवाज़

1) आज फिर उसने मुझे सताया. हसते हुए चेहरे को उसने रुलया. सितम करने की अदा तो देखो. साथ वो निभा ना सके और हमें सितम्गर बुलाया.   2) पल्कों के किनारे हमने भिगोयी...

मैं कहाँ आगया 0

मैं कहाँ आगया

अंधेरों से निकल कर मैं कहाँ आगया। चला था अकेला इस सफर मैं। साथ सारा जहाँ आगया। डरता था मैं कभी रौशनी से। मेरी चमक से आज सारा जग चमचमा गया। साथ मेरे इस...

कंकर 1

कंकर

#कंकर भूख से व्याकुल हो कई दिनों से कोई और उसे मिल जाये मंदिर के दरवाजे से चुटकीभर प्रसाद तो मिल जाती है उसे कुछ और साँसें इसी बहाने। पर प्रसाद में हो कंकर...