Category: Kavishala

देखता हूँ जब-जब आसमां में 0

देखता हूँ जब-जब आसमां में

देखता हूँ जब-जब आसमां में, उन घुप्प-घने बादलों में चित्रित, स्याह चेहरा नज़र आता है। पल-पल बदलता मिज़ाज़ वो, कभी इंसान तो, कभी शैतान, तो कभी अनजान नज़र आता है। गिरगिट सी दुनिया का,...

NIYAT 0

NIYAT

~Meri surat ko chod kabhi shakhsiyat dekhle Phir Tu apna badlaav-e-niyat dekhle Hil jayenge dil k daro-deevar Tere Gar Tu meri hayat ke chashm halaat dekhle Tooti huyi naak pe ro dene wale Tu...

व्यथा ( Vyatha ) BY Vimal shukla 0

व्यथा ( Vyatha ) BY Vimal shukla

व्यथा ■■■■ आकाश काला वायु दूषित, व्यथित वसुधा आज है. भ्रष्टो की जयजयकार, सच्चे, सभ्य का उपहास है. देवता ताली बजाते, मंच पर यमराज है. उपदेश देते धूर्त जन, खामोश प्रज्ञ समाज है. रोता...

फिर से यह दीवाना अकेला है। 0

फिर से यह दीवाना अकेला है।

यह राग फिर से छेड़ा है, यह दांव फिर से खेला है, फिर मोहब्बत हो गयी है उनसे, फिर से ये दीवाना अकेला है। है एक तरफा ये प्यार मेरा, वर्षों से पड़ा झमेला...

तिनका तिनका 0

तिनका तिनका

हवाओ के साथ गुज़रता रहा, कभी चुप सा रहा… कभी बना क़हक़हा; ढूंढता था वज़ूद पहले… अब भी ढूंढता हूँ; सब्र को तोड़कर बस चलता रहा। न जाना कभी….न समझा कभी…. बस हर महफ़िल...

निस दिन बेटियाँ छली जाती 0

निस दिन बेटियाँ छली जाती

हे आदि शक्ति हे जगजननी              क्यों रक्षा हेतु नहीं आती पापी जन बढते जाते       निस दिन बेटियाँ छलीं जाती वसुधा पर पाप बढें प्रतिपल  ...

बाज़ार-ए-इश्क 0

बाज़ार-ए-इश्क

बाज़ार-ए-इश्क की चौखट से, दोनों ही खाली हाथ लौटे। हमारे प्यार को कोई खरीददार न मिला और उनका प्यार बेशकीमती बहुत था ।

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