Category: Karan Sahar

मेरी आँखों में । 0

मेरी आँखों में ।

मेरी आँखों में दास्तानें बहुत हैं, नए तो नहीं पर पुराने बहुत हैं । दिल के हालात लिखता रहा हूँ, सो मेरी ग़ज़लों के माने बहुत हैं । कम ही रहा है वफ़ा का...

काश 0

काश

काश कि फिर से वही समां लौट आए, कि सितारों में से मेरी माँ लौट आए ।। मुझे साफ नज़र आने लगा है तेरा फरेब, काश कि मेरी आँखों में धुआँ लौट आए ।।...

दिल कहीं का 0

दिल कहीं का

बड़ी तकलीफ में रहता है ये मेरा दिल कहीं का, हां मगर फिर भी ज़िन्दा है ये मेरा दिल कहीं का ।। कई रातों ने घोंटा है गला कई सहर ने इसे जलाया है...

ज़िंदगी 1

ज़िंदगी

सुना है तुम सितारे चुनते हो मुझे भी दो ना चंद टुकड़े सितारों के, मैं यहाँ ज़मीन पर से काली रातों को भगाना चाहता हूँ, सदियों से सो रहे जुगनुओं को फिर से जगाना...

नज़्म 0

नज़्म

इन जेब कतरों का क्या भरोसा, जाने कब मेरी पेंट की जेब से मेरे रिश्ते चुरा लें मैं तभी अपने बटुए को दिल के करीब वाली जेब मे रखता हूँ ।

कोहराम 0

कोहराम

इस कदर क्यों ये शहर बदनाम हुआ ज हर तरफ़ कोहरा है हर तरफ कोहराम है । दूर से हर दिशा एक सी लगती है, हर तरफ एक से रास्ते सफ़ेद पोशाक ओढ़े नज़र...

ऐ हवा सुन ले 0

ऐ हवा सुन ले

ऐ हवा सुन ले, मेरे बारे में उन्हें कुछ भी ख़बर मत करना, जो भी है दिल की कहा सुनी है भूल से भी इन्हें ज़हर मत करना ।। मत बतलाना उन्हें कि मैं...

कुछ रेत पे पानी आ जाए 0

कुछ रेत पे पानी आ जाए

कुछ रेत पे पानी आ जाए, मौसम पे जवानी आ जाए ।। कागज़ पर आग लगा देगा, जो आँख से पानी आ जाए ।। देखूँ तो ग़ज़लें कहता हूँ, छू लूँ तो कहानी आ...

आग अगर है तो 0

आग अगर है तो

आग अगर है तो बुझा लो दिल मे बादल को बुला लो । ज़िंदा रखना हो मरासिम तो, अना को मुट्ठी में दबा लो । फूल मुहब्बत का सलीका हैं, अपने आंगन में सजा...

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