Category: himanshu singh

झुमका.. 0

झुमका..

आँख पे पड़ी रोशनी नए दिन का आगाज़ हुआ, बज के कानों में छन-छन से मदहोशी सा एहसास हुआ। तेरी चंचलता को मैं सुर से सुर मिलाता हूँ, झूम के चले जो तू मैं...

रेत पर तस्वीर.. 0

रेत पर तस्वीर..

दूर समुन्दर में जब लहरें इठलाती हैं.. गगन में एक बेचैनी सी छा जाती है.. चलते कदम जब उस बयार को चीरते.. रेत पर उसकी तस्वीर उभर आती है ।   अस्ताचल की लालिमा...

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